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महराजगंज : साहित्यिक मित्र मण्डल जबलपुर मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 24/05/2020 को आयोजित काव्य सम्मेलन में प्रतिभाग किया जिसमें द्वितीय स्थान के साथ प्रशस्ति पत्र मिले क्लिक कर देखें ।

महराजगंज : साहित्यिक मित्र मण्डल जबलपुर मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 24/05/2020 को आयोजित काव्य सम्मेलन में प्रतिभाग किया जिसमें द्वितीय स्थान के साथ प्रशस्ति पत्र मिले क्लिक कर देखें ।


साहित्यिक मित्र मण्डल जबलपुर मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 24/05/2020 को आयोजित काव्य सम्मेलन में प्रतिभाग किया जिसमें द्वितीय स्थान के साथ प्रशस्ति पत्र आज दिनांक 26/05/2020 को प्रदान किया जिसे पाकर मैं गौरान्वित हुआ।
शीर्षक - ईश्वर की बेटी का आंचल
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तेरे सुमन से जग विख्याता पल-पल
हे ! ईश्वर   की  बेटी  का  आंचल ।

स्वच्छ सांची से तन-मन को,
पुलकित  करने  वाली  है
तेरी  ममता  की  छावों  में
हरे     भरे    वृक्षों     कि 
शोभा   बड़ी   निराली   है 
जल जीवन तेरा भाता कल-कल
हे ! ईश्वर   की  बेटी  का  आंचल ।

शस्य  श्यामला  धरा  कहीं पर
कहीं   पर्वत  और   पठार    है
तेरी गोदी में श्रीराम का तीरथ
तूँ सबसे बड़ी ममता सी कीरत
तेरे   दिये  समीर  से  सब  जन
जग में जीवन की प्यास बुझाता हर पल
हे !  ईश्वर   की   बेटी  का  आंचल ।

व्याकुल भले आसमाँ अनेक रंग धरे 
तुझको  ही  सब  सुहाता  है
कौन सा जीव किस तरह बने
ये तेरा ममता मयी जानती आंचल,
हे ! ईश्वर   की  बेटी  का  आंचल ।

रचना - दयानन्द त्रिपाठी व्याकुल
        महराजगंज, उत्तर प्रदेश।

17/05/2020 को आयोजित काव्य सम्मेलन में प्रतिभाग किया था हमने जिसका 19/05/2020 को द्वितीय स्थान का प्रशस्ति पत्र मिला ।

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