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एस के कपूर श्री हंस

*।।रचना शीर्षक।।*
*।।अमूल्य जीवन।।अनमोल गुण।।*
*।।विधा।।मुक्तक।।*
1
खुशनसीब जिसके लिए  कोई
दुआ    करता    है।
अपनो   में कोई          आपको     
गिना  करता      है।।
नेक नियत बना कर  रखो दिल
से   सबके     साथ।
दूर रह कर  कोई  आपको  याद
किया    करता   है।।
2
ज्ञान जहर   जो   अहंकार  को
जन्म         देता   है।
वो ज्ञान अमृत  जो  नम्रता  को
जन्म        देता    है।।
ज्ञान मार्ग है स्वयं   को   भीतर
तक      जानने    का।
वो ज्ञान सर्वोत्तम  सर्वहित  को
जन्म     देता        है।।
3
वही सच्चा  ज्ञान     शिक्षा  जो 
आचरण में उतारी जाये।
समस्या शुरू से     ही   समझी  
फिर     सुधारी   जाये।।
सच को     कहने   की  हिम्मत
लाये    वह    ज्ञान   है।
दोषारोपण नहीं            स्थिति  
बस     सँवारी   जाये।।
4
आजकल रिश्ते   बस      रस्मी    
निभाये     जाते     हैं।
दिखावे के लिए    जाने     क्या 
दिखाये    जाते     है।।
सच्चे रिश्ते      वो जो       साथ
जाते       हैं      जिये।
हाथ पकड़    कर   गिरते    को
उठाये      जाते    है।।
*रचयिता।।एस के कपूर "श्री हंस"*
*बरेली।।*
 *©. @.   skkapoor*
*सर्वाधिकार सुरक्षित*

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