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नंदिनी लहेजा

*युवा देश के भविष्य*
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आज युवा पीढ़ी को, इक बात मैं कहना चाहुँ।
तुम हो भविष्य भारत का ,तुम धरोहर हो हमारे।
तुम सपना हो हर भारतीय का,तुम हो गर्व  हमारे।
तुम युवा शक्ति कहलाते हो,जो चाहो वह कर जाते हो।
जो उत्साह ललक होती तुममे, हर मंजिल तुम पा सकते हो।
हमने तुम्हे आजादी दी है ,ताकि करो सपने सब तुम पूरे।
जो कभी बसते थे हमारी अखियों में,न हो पाए पर वो पूरे।
परन्तु आज रोज़ देखती और सोचती,
कितनी आगे निकल चुकी यह पीढ़ी।
यह रोके से न रुके,बस चढ़ना चाहे आजादी की सीढ़ी।
हर माता-पिता यह चाहते है,सपने पुरे करे तुमसे।
पर तुम इतना आगे  हो बढ़ चुके, आज़ादी के अंध में हो खो चुके।
गर वो समझाए कोई बात तुम्हे,तुम सोचते हो वे तो बूढ़े हो चुके।
तुम्हे तो साथ अच्छा लगता है, अपने उन मित्रों का ,
जो तारीफें तुम्हारी करते है ,केवल मौजमस्ती करते और पैसे तुम्हारे लुटाते है।
माता पिता के पैसों को, बुरे व्यसनों में न उड़ाओ।
तिनका तिनका कर जोड़ा उन्होंने तुम्हारे लिए ,तुम उनका मान बढ़ाओ।
यह मत भूलो इस उम्र में ही ,मेहनत तुम्हे इतनी करनी है।
स्वयं को शिक्षित कर , जिंदगी अपनी संवारनी है।
गर इस पल में तुम संभल गए ,जीवन में न तुम कभी हारोगे।
सपने अपने पुरे करोगे,साथ अपनों का भी पाओगे।
ना मैं  ऐसा नहीं कहती तुमसे, जीवन अपना कर लो नीरस।
 तुम जिओ अपना आज,बस ऐसा न कुछ कर जाना,
माता पिता हो जाये बेबस।

स्वरचित मौलिक
नंदिनी लहेजा
रायपुर छत्तीसगढ़

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