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डॉ. कवि कुमार निर्मल

🌼🌼🌼🌼🌼🌼।।देव दिवाली।।🌼🌼🌼🌼🌼

दीपावाली का अंतिम महोत्सव, देव दीवाली पौराणिक है।
आतंकी त्रिपुरासुर से त्रिलोक में त्राहिमाम मचा, चर्चित है।।

त्रिपुरासुर तात तारकासुर वध, कार्तिकेय ने आज किया है।
प्रतिशोध की प्रचण्ड ज्वाला तारकासुर के पुत्रों ने झेली है।।

कठिन तप कर ब्रह्मा से, अमर होने का वर उन्हें मिला है।
ब्रह्मा तपस्वियों को अमरत्व न दे, वैकल्पिक वर दिया है।।

कालांतर में शिव कार्तिक पूर्णिमा को, त्रिपुरासुर का वध किया है।
आज हीं देवगण गंगा तीरे दीप जलाकर, "देव दिवाली" मनाते हैं।।

चले काशी नगरी के घाटों की, दीपावाली का परम सुख पाते हैं।
गुरुनानक जयंती हिन्दू सिक्ख धूमधाम से, ज्योतिपर्व मनाते हैं।।

आज लक्ष्मी समुद्र मंथन में उभरी, विष्णु ४ माह योग निद्रा से जागे हैं।
पौराणिक है, गंगा स्नान ध्यान से भक्तगण मोक्ष प्राप्त कर तर जाते है।।

डॉ. कवि कुमार निर्मल

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