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मधु शंखधर स्वतंत्र

*माँ चंद्रघंटा* 🕉️🙏
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माँ चंद्र घंटा आ गयी ,
ध्वनि घोष जय जय की भयी।
आयी तृतीया प्रतिपदा ,
आनंद सूचक माँ सदा ।।

जो चैत्र मासिक व्रत करें,
विपदा सभी माता हरें ।
सौभाग्यदायी  माँ कृपा ,
शतनाम माँ का जो जपा ।।

करतीं जगत उद्धार हैं ,
माँ सिंह पर असवार हैं।
कर कमल सोहे शांतिदा ,
चल शंख ध्वनि करतीं सदा ।।

संसार का सब दुख हरें ,
पूजन मनन जो भी करें।
कर दुष्ट का संहार माँ ,
बेड़ा लगाएँ पार माँ ।।

ध्वनि नाद से माँ तारतीं ,
संकट सभी माँ टाँरतीं ।
अनुपम सहज शुभ सभ्यता ,
बसतीं नयन यह भव्यता ।।

माँ धूप दीपक आरती ,
घंटा सुखद झंकारती ।
जय जय करें उद्घोष जब ,
मधु चंद्रघंटा वास तब ।।
*मधु शंखधर 'स्वतंत्र'*
*प्रयागराज*
04/04/2022

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